JLF-2016: अब काजोल बोलीं, जो मन में आए बोलती हूं

जयपुर. सिलीकॉट सागा सेशन में अश्विन संधी ने फिल्म अभिनेत्री काजोल और सुधा सदानंद के साथ चर्चा की। सैशन के बाद पत्रकारों से बात करते हुए काजोल ने कहा कि मुझे तो मन की बात करने में कोई डर नहीं लगता। मैं हमेशा जो सोचती हूं और जो सही लगता है। वही बोलती हूं।

अब आमिर खान या उनकी पत्नी किरण राव को क्या लगता है। इससे मुझे कोई मतलब नहीं है। इस दौरान काजोल ने बताया, उनके घर पर शुरुआत में चार सौ किताबों की लाइब्रेरी थी। एेसे में बचपन किताबों के साथ बीता है और किताबों से एक गहरा रिश्ता है।
जब कभी समय मिलता है, किताब पढऩे का मौका नहीं गंवाती हूं। बचपन से ही किताबों से प्रेम रहा है। काजोल ने अजय देवगन को भी पुस्तक प्रेमी बताते हुए कहा, दोनों की पसंद एक ही होने का फायदा मिला है।
बीते पांच साल तक परिवार एवं अन्य जिम्मेदारियों के चलते फिल्मों से दूर रही, इस दौरान काफी किताबे पढऩे का अवसर मिला। चर्चा के दौरान राइटर संधी ने कहा, लक्ष्मी जी की कृपा परिवार पर शुरुआत से थी, कुछ अलग करने की चाहत में ले ाक बना और मां सरस्वती का आशीर्वाद भी मिला है।

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