‘योगी राज’: ‘हाकिम’ से लेकर मातहत तक हो उठे हैं सशंकित, जानिए क्यों

नई सरकार के गठन के बाद अधिकारियों का मन अब काम में नहीं लग रहा है। जिससे फरियादी परेशान हैं। हर अधिकारी यह मान कर चल रहा है कि सूबे में निजाम बदलने के बाद उनका तबादला होना तय है। कोई अपनी नई तैनाती के लिए जुगाड़ खोज रहा है, तो कोई समय का इंतजार कर रहा है।

कमोबेश यही हाल कई मलाईदार विभागों में वर्षों से अंगद की तरह पांव जमाए कर्मचारियों की भी है। उन्हें भी लगने लगा है कि कहीं नई व्यवस्था में उनका भी स्थानांतरण न हो जाए। इसको लेकर वे भी आशंकित हैं।

सूबे की सत्ता और सियासत बदल गई है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बन चुकी है। सरकार बने तीन दिन हो गए हैं, लेकिन इस अंतराल में देखा जाए तो जिले के हाकिम (डीएम) से लेकर आधा दर्जन से अधिक अफसर छुट्टियां मना रहे हैं। कलेक्ट्रेट, विकास भवन, पुलिस आफिस सहित विभिन्न कार्यालयों में अधिकारी और कर्मचारी बैठ नहीं रहे हैं।

इसके पीछे उनका जो भी मकसद हो लेकिन जनता अपनी फरियाद लेकर भटक रही है। नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि असमंजस की स्थिति है। बच्चों का नामांकन कराना है। मन नहीं लग रहा है। नई व्यवस्था में पता नहीं कहां तैनाती हो।

स्थितियां वैसे भी अफसरों के प्रतिकूल हैं। कई अफसरों का तबादला होना तय माना जा रहा है। चुनाव के दौरान थानाध्यक्षों और अधिकारियों पर एक पार्टी विशेष के लिए कार्य करने का आरोप भी लग चुका है। भाजपा संगठन के लोगों ने ऐसे अफसरों की सूची भी तैयार कर ली है।

वैसे अफसरों का मानना है कि यहां से स्थानांतरण ही उनके लिए बेहतर विकल्प है। ऐसे में वह अपना अपना जुगाड़ खोज रहे हैं। प्रभारी डीएम शीतला प्रसाद का कहना है कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को समय से कार्यालय में बैठने और कार्य करने का निर्देश दिया गया है।

अगर इसमें कोई लापरवाही बरतता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

योगी आदित्यनाथ का असली नाम है अजय सिंह नेगी, जानें इनके जीवन से जुड़ी अनसुनी बातें

Leave a Reply