LED के उपयोग से बची बिजली, छत्तीसगढ़ ने तेलंगाना से ऐसे करोड़ों कमाए

रायपुर। प्रदेश में उजाला योजना के तहत उपभोक्ताओं के घरों में लगाए गए एलईडी बल्बों से बिजली विभाग मालामाल हो रहा है। प्रदेश में एलईडी बल्ब लगने से पिछले एक साल में 13 लाख 77 हजार मिलियन यूनिट की बचत हुई है। कंपनी द्वारा इस बचत होने वाली बिजली को तेलंगाना भेजी जा रही है।

वहीं दूसरी तरफ बिजली की खपत कम होने से हितग्राहियों का एक साल में 468 करोड़ बचत हुई है, जिससे हितग्राहियों को काफी राहत मिली है। अधिकारियों का कहना है कि 9 वाट का एलईडी बल्ब 100 वाट के बल्ब के बराबर रोशनी देती है। एलईडी बल्ब लगने की वजह से बिजली कंपनी की स्थिति में और सुधार आएगा।

केन्द्र सरकार की तरफ से ईईएसएल (एनर्जी एफिसिएंसी सर्विसेज लिमिटेड कंपनी) को बल्ब वितरण का जिम्मा दिया गया था। कंपनी ने प्रदेश में 32 लाख घरेलू उपभोक्ताओं के घरों में उजाला योजना के तहत प्रदेश में कुल एक करोड़, तीन लाख, 63 हजार 474 एलईडी बल्ब वितरित किया है।

हितग्राहियों को एलईडी बल्ब 40 प्रतिशत सस्ते दर पर मुहैया कराया है। एजेंसी द्वारा हितग्राहियों को तीन साल तक की गारंटी दी गई है जिसमें तीन साल के भीतर यदि बल्ब फ्यूज होता है तो उसे कंपनी को वापस कर नया बल्ब मुहैया कराना जाना है।

ऐसे बदल रही स्थिति

राज्य में तेजी से एलईडी बल्ब का उपयोग होने से बिजली के डिमांड कंट्रोल में भी कमी रही है। 9 वाट का एक करोड़ तीन लाख एलईडी बल्ब का उपयोग होने से एक साल में औसतन 13 लाख 77 हजार यूनिट की बचत हो रही है। इस बचत से लगभग 54 सौ घरों में अतिरिक्त बिजली मिलने की नौबत बन गई है।

इतनी एलईडी बल्ब लगाने से पीक ऑवर में प्रतिदिन करीब 276 मेगावाट बिजली की कमी दर्ज की गई है। 100 वाट खपत कर बल्ब से जितनी रोशनी होती है, वह नौ वाट के एलईडी से हो रही है। यह रोशनी 25 से 27 वाट सीएफएल लाइट के समतुल्य है। 276 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की खपत कम हो गई है।

पिक आवर में 276 मेगावाट की बचत

बिजली विभाग के अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में पिक ऑवर में बिजली की खपत बढ़ जाती थी, लेकिन एलईडी बल्ब के लगने से 276 मेगावाट की खपत में कमी आई है। उन्होंने बताया कि एलईडी बल्ब की दुधिया रोशनी से शहर की सड़कें और घरों की रौनक में भी चार चांद लग गया है।

एजेंसी ने 70 हजार फ्यूज बल्बों को बदला

प्रदेश में एजेंसी ने 70 हजार से ज्यादा फ्यूज बल्बों को बदला है, लेकिन वर्तमान में फ्यूज बल्बों को बदलने के लिए पब्लिक धक्के खा रही है। उसकी वजह है कि वर्तमान में एजेंसी के ज्यादातर सेंटर बंद हो चुके हैं। एजेंसी ने पोस्ट आफिस विभाग से अनुंबध कर लिया है। हितग्राही नवंबर माह से फ्यूज बल्ब को आसानी से वापस कर सकेंगे।

– प्रदेश में एलईडी बल्ब लगने से एक साल में 13 लाख 77 हजार मिलियन यूनिट की बचत हो रही है। बचत होने वाली बिजली को तेलंगाना में सप्लाई किया जा रहा है।