Navaratri में क्‍यों खाया जाता है कुट्टू का आटा, जानें इसके फायदे

नई द‍िल्‍ली : नवरात्र में अक्‍सर देवी के भक्‍त व्रत रखते हैं। कुछ लोग एक या दो द‍िन व्रत रहते हैं तो कुछ पूरे नवरात्र उपवास करते हैं। खैर व्रत रखने की अवध‍ि कितनी भी हो लेकिन इस दौरान कुट्टू के आटे के व्‍यंजन खूब बनते हैं। कुट्टू के आटे की पूरी, रोटी, परांठा, टिक्‍की आद‍ि बहुत पसंद से खाई जाती हैं। अब तो कई रेस्‍तरां भी व्रत की थाली सर्व करते हैं जिनमें कुट्टू के आटे की पूरी और टिक्‍की खास तौर पर शामिल रहती हैं। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि व्रत में क्‍यों कुट्टू के आटे से बनी चीजों का सेवन किया जाता है, ये कैसे बनता है और इसे खाने के क्‍या फायदे हैं।

कुट्टू एक फल का बीज होता है। इसी को पीसकर आटा तैयार किया जाता है। कुट्टू का आटा प्रोटीन से भरपूर होता बताया जाता है और जिन्हें गेहूं से एलर्जी हो, उनके लिए बेहतरीन विकल्प है। इसमें मैग्नीशियम, विटामिन-बी, आयरन, कैल्शियम, फॉलेट, जिंक, कॉपर, मैग्नीज और फॉस्‍फोरस भरपूर मात्रा में होता है। इसमें फाइटोन्यूट्रिएंट रुटीन भी होता है जो कोलेस्ट्रोल और ब्लड प्रेशर को कम करता है। सेलियक रोग से पीड़ितों को भी इसे खाने की सलाह दी जाती है.

चूंकि कुट्टू के आटे को चबाना आसान नहीं होता, इसलिए इसे छह घंटे पहले भिगो कर रखा जाता है, फिर इन्हें नर्म बनाने के लिए पकाया जाता है, ताकि आसानी से पच सके। चूंकि इसमें ग्लूटन नहीं होता इसलिए इसे बांधने के लिए आलू का प्रयोग किया जाता है।

कुट्टू के आटे की बनी चीजें न सिर्फ व्रत के दौरान तुरंत एनर्जी देती हैं बल्कि आमतौर पर इसके सेवन से भी सेहत से जुड़ी कई समस्याएं दूर होती हैं। जसनें कु्ट्टू के आटे के फायदे – 

  • मिलती है तुरंत एनर्जी

कुट्टू के आटे की बनी चीजें न सिर्फ व्रत के दौरान तुरंत एनर्जी देती हैं बल्कि आमतौर पर इसके सेवन से भी सेहत से जुड़ी कई समस्याएं दूर होती हैं।

  • डायबिटीज मरीजों के लिए फायदेमंद

कुट्टू के आटे में कैलोरी कम होती है और सेचुरेटेड फैट नहीं होता, इसी कारण ये डायबिटीज मरीजों के लिए बेहतर विकल्प है। इसका सेवन डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है।

  • ब्‍लड प्रेशर कम करे

कुट्टू के आटे में मैग्नीशियम अच्छी मात्रा में है जो ब्लड प्रेशर घटाने में काफी मददगार है। इससे बीपी कम करने में मददगार कहा जाता हैं। इससे शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने और ब्लड सर्कुलेशन को विनियमित करने में मदद मिलती है, जिससे आपका ब्लड प्रेशर सही बना रहता है।

  • हड्डियों की मजबूती

कूट्टू के आटे में मैगनीज की भरपूर मात्रा होती है, जो हड्डियों की मजबूती के लिए बहुत जरूरी है। यह शरीर में कैल्शियम को सोखने में मदद करता है जिससे ऑस्टियोपोरोसिस रोग का खतरा भी कम हो जाता है।

  • कोलेस्ट्रॉल से जुड़ी समस्या दूर करें

कुट्टू के आटे में विटामिन, आयरन, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस आदि की भरपूर मात्रा में मौजूदगी ब्‍लड में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ाते हैं। इसके सेवन से कोलेस्ट्रॉल से जुड़ी समस्या दूर हो सकती है।

लेते समय इन बातों का रखें ध्‍यान 
कुट्टू का ज्यादा पुराना आटा सेहत खराब कर सकता है। बाजार में इस आटे के छोटे-छोटे पैकेट उपलब्ध होते हैं। ऐसे में कितने समय पहले यह पीसे गए, कुछ नहीं कहा जा सकता। जिन दुकानदारों के पास यह आटा बच जाता है, वह इसे अगली बार के लिए रख लेते हैं। कुट्टू के आटे को आप हमेशा तारीख देखकर लें और पैकेट खोलने पर अगर उसमें स्‍मेल आए तो इसे इस्‍तेमाल न करें। साथ ही कुट्टू का आटा हमेशा विश्‍वसनीय जगह से ही लें।

बनाते समय रखें ये सावधान‍ियां
यह ध्यान रखें कि इसकी पूरियां बनाने के लिए हाईड्रोजेनरेट तेल या वनस्पति का प्रयोग न करें, क्योंकि यह इसके मेडिकल तत्वों को खत्म कर देता है। इसे बनी पूरियां ज्यादा कुरकुरी होती हैं। वैसे पूरी और पकोड़े तलने की बजाय इससे बनी रोटी खाएं। कुट्टू के आटे से इडली भी बन सकती है और ये बेहतर होगी।