SP डॉन बन जज और अफसरों के साथ बनाते हैं शॉर्ट फिल्में, जानें क्यों कर रहे ऐसा

बिलासपुर।बिलासपुर के युवा राहुल परी सामाजिक विषयों पर डॉक्यूमेंट्री और शॉर्ट फिल्में बनाते हैं। समाज में बढ़ते अपराधों को देखते हुए उन्होंने सकारात्मक संदेश देने वाली फिल्में बनानी शुरू कीं। इसी दौरान उन्होंने अपराधियों पर कार्रवाई करने वाली पुलिस और उस पर फैसले लेने वाले जजों को जोड़ना शुरू किया। साथ ही इन्हें अपनी फिल्मों में अलग-अलग किरदार निभाने के लिए भी तैयार कर लिया। बना चुके हैं 22 शॉर्ट फिल्म…
– शुरुआती कामयाबी के बाद दो साल में अलग-अलग मुद्दों पर 22 शॉर्ट फिल्म और डॉक्यूमेंट्री बना चुके हैं। असल जिंदगी के एसपी, डीएसपी इन फिल्मों में डॉन या गब्बर की भूमिका निभाते हैं। जज साहब फिल्मों के अंत में संदेश देते हैं। ये सभी अधिकारी छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों के हैं।
– इस शार्ट फिल्म में इनमें बिलासपुर के एसपी मयंक श्रीवास्तव, जांजगीर के एसपी अजय यादव और रायपुर के एसपी संजीव शुक्ला के अलावा जगदलपुर के डिस्ट्रिक्ट जज रजनीश श्रीवास्तव, एडिशनल एसपी अर्चना झा, ट्रैफिक डीएसपी मधुलिका सिंह और कई थानों के टीआई शामिल हैं। ये अफसर इन फिल्मों का हिस्सा बन लोगों को अपराधों और सरकारी नियमों के प्रति जागरूक कर रहे हैं। इसका असर भी दिखने लगा है। पिछले साल की तुलना में इस साल छोटे-मोटे अपराधों में करीब 50% की कमी आ चुकी है।
इन मुद्दों पर बनाते हैं फिल्में
फिल्मों का विषय आम तौर पर छेड़छाड़, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना और महिलाओं से जुड़े अपराध होते हैं। इन्होंने हेलमेट, ट्रैफिक नियम, शराब पीकर वाहन न चलाने पर भी फिल्में बनाई हैं।
1 8 थाना क्षेत्रों में घटी गुंडागर्दी
बिलासपुर और मुंगेली जिले के 18 थाना क्षेत्रों में गुंडागर्दी और छेड़छाड़ के मामले एक साल में 50% घट गए हैं। 2016 में इस तरह के 8,850 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि इस साल सिर्फ 4,316 मामले दर्ज हुए हैं।
सोशल मीडिया, मॉल, टॉकीज में प्रमोशन
इन फिल्मों को टॉकीज, मॉल और सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक पहुंचा रहे हैं। फेसबुक पर मिली 350 शिकायतें भी सुलझाई।