Tiger in Sarni: सारणी में बाघ की दहशत, प्रशासन ने लगाई धारा 144

बैतूल, सारणी नगर के आसपास पिछले चार दिनों से मौजूद बाघ को पकड़ने में अब तक वन विभाग का अमला नाकाम साबित हो रहा है। सोमवार रात शहर की सड़क पर उसे घूमते दर्जनों लोगों ने देखा। इसके बाद प्रशासन और वन विभाग अमले की नींद टूटी और मंगलवार को सारणी नगर पालिका सीमा क्षेत्र में धारा 144 लागू करने का आदेश जारी हुआ। वन विभाग के 300 अधिकारी और कर्मचारी सारणी में मौजूद रहकर बाघ की लोकेशन ट्रेस करने और उसे सुरक्ष्ति जंगल की ओर खदेड़ने की कवायद में जुटे हैं।

एसटीआर की टीम के साथ ही मंगलवार को वन विहार भोपाल की टीम भी सारणी पहुंच गई है। अब स्थानीय वन विभाग द्वारा कान्हा और सतपुड़ा नेशनल पार्क के हाथियों की मदद बाघ को तलाशने के लिए ली जाएगी। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में शाम ढलते ही बाघ के घूमने के कारण लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। सारणी नगर के एबी टाइप कॉलोनी के समीप तवा हाउस के पीछे बाघ की मौजूदगी लगातार बनी हुई है। सोमवार की रात में भाजपा के जिला मंत्री रंजीत सिंह कार से घर लौट रहे थे, उसी दौरान उन्हें सड़क पर बाघ दिखाई दिया। उन्होंने तत्काल ही कार रोक दी और उसके लाइट बंद कर वन विभाग के अफसरों को सूचना दी।

सिंह ने बताया कि बाघ बेहद आराम से सड़क पर टहलता हुआ उनकी कार के सामने से गुजर गया। जब तक वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तब तक वह सड़क किनारे नाले में उतर गया। बाघ को सारणी की तिबल स्टोरी के पास दीपेश दुबे, अब्दुल रहमान और सन्नी चतुर्वेदी ने भी बेहद करीब से देखा। सोमवार की रात में ही अचानक बाघ को सोनू रेस्टारेंट के पीछे भी देखा गया था। सूचना मिलने के बाद कलेक्टर, एसपी और वन विभाग के अफसर भी मौके पर पहुंचे थे और रहवासियों से चर्चा कर सावधान रहने की सलाह दी गई।

पावर हाउस क्षेत्र में भी पहुंचा 

सोमवार की रात में बाघ के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह की सीमा के भीतर पहुंच गया था। ताप विद्युत गृह के सुरक्षा अमले ने इस संबंध में वन विभाग को सूचना भी दी है। बताया गया है कि ताप विद्युत गृह के क्षेत्र में नाले के किनारे से बाघ ने प्रवेश किया है। इसी क्षेत्र में सोमवार को बाघ के पगमार्क देखे गए थे। वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि सारणी में बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए गए थे लेकिन कोई सफलता नहीं मिल पाई है। इसके चलते मंगलवार को पिंजरों की लोकेशन बदली जा रही है और ट्रेप कैमरे भी लगाए जा रहे हैं। मंगलवार को ड्रोन कैमरों की मदद से सर्चिंग की गई लेकिन कहीं भी बाघ नजर नहीं आया।

शाम ढलते ही पसर रहा सन्नाटा 

सारणी नगर में आमतौर पर देर रात तक चहल पहल रहती थी लेकिन शनिवार से शाम ढलने के बाद बाघ के सड़क पर निकलने के कारण लोग अपने घरों के भीतर ही कैद हो रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना सारणी ताप विद्युत गृह में कार्य करने वालों को करना पड़ रहा है। रात की शिफ्ट में कार्य करने वाले समूह में जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं।

कान्हा और सतपुड़ा से आएंगे हाथ

सारणी में चार दिन से मौजूद बाघ को तलाशने में नाकाम होने के बाद अब स्थानीय वन विभाग द्वारा कान्हा और सतपुड़ा नेशनल पार्क के हाथियों की मदद ली जाएगी। उत्तर वन मंडल की डीएफओ राखी नंदा ने बताया कि सारणी के शहरी क्षेत्र में पिछले चार दिन से बाघ की मौजूदगी बनी हुई है। 4 दिसंबर को उसके मूवमेंट का कुछ भी पता नहीं चल पाया है। पूरे क्षेत्र में दलदल और झाड़ियां होने के कारण खोजबीन करने में परेशानी हो रही है। अब बाघ को तलाशने के लिए कान्हा और सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान से हाथियों की मांग की गई है। डीएफओ के अनुसार 5 दिसंबर तक हाथियों के सारणी पहुंचने की संभावना है जिसके बाद क्षेत्र में बाघ की तलाश करने में तेजी आएगी। उन्होंने सभी लोगों से अपील की है कि वे रात में घर से बाहर न निकलें और सर्चिंग अभियान में सहयोग प्रदान करें।