TRAI ने नेटवर्क कनेक्टिविटी नियमों को किया सख्त…

TRAI ने नेटवर्क कनेक्टिविटी के नियमो को सख्त कर दिया है और इसका अगर पालन नहीं होता है तो भरी जुर्माना भी कंपनियों को भरना पड़ सकता है |दरसल मामला यह है कि एक लम्बे समय से TRAI के पास शिकायते नेटवर्क कि कनेक्टिविटी को लेकर मिल रही थी जिस पे कारवाही करते हुए उन्होंने यह कदम उठाया रसंचार नियामक ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों के लिए नेटवर्क कनेक्टिविटी नियमों को सख्त बना दिया है। 30 दिन के भेदभाव रहित इंटरकनेक्ट समझौते करना जरूरी होगा। इस समय सीमा के भीतर समझौता न करने अथवा भेदभावपूर्ण समझौता करने वाली कंपनी पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

टेलीकॉम कंपनियों के बीच इंटरकनेक्शन होने पर ही ग्राहकों दूसरी कंपनियों के ग्राहकों के साथ बात कर पाते हैं। नए नियमों के मुताबिक प्रत्येक सेवा प्रदाता को किसी दूसरे सेवा प्रदाता का अनुरोध प्राप्त होने के एक महीने के भीतर उसके साथ बिना भेदभाव वाला इंटरकनेक्ट समझौता करना होगा। ट्राई ने इंटरकनेक्शन के लिए बैंक गारंटी की सीमा निर्धारित करने का एक फॉर्मूला भी दिया है। अभी बैंक गारंटी की सीमा आपसी सहमति से तय की जाती है। इसी प्रकार इंटरकनेक्ट प्वाइंट्स पर पोर्ट प्रदान करने की समय सीमा भी अब 90 दिन से घटाकर 30 दिन कर दी गई है ट्राई के इन नियमों को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि जब पिछले साल रिलायंस जियो बाजार में आयी थीं |यदि ऑपरेटर दूसरे ऑपरेटर के उत्तर से संतुष्ट नहीं होता है या उसका उत्तर ही प्राप्त नहीं होता है तो उसे दूसरे ऑपरेटर को पुनः 15 दिन का नोटिस देकर कनेक्शन काटने की तिथि बतानी होगी।