चारों धामों में बर्फबारी से दो फीट तक जमी बर्फ, तस्वीरों में देखें मनमोहक नजारा

बुधवार को केदारनाथ  समेत चारों धामों में बर्फबारी शुरू हो गई । धामों में करीब दो फीट नई बर्फ जम गई है।बर्फीली हवा चलने से ठंड बढ़ गई है। मंदिर सहित केदारपुरी ने सफेद चादर ओढ़ ली है। यहां घना कोहरा छाने से 20 मीटर से दूर नहीं दिख रहा है।
पैदल मार्ग पर रामबाड़ा से लिनचोली तक भी एक फीट तक बर्फ गिर चुकी है। इधर, चोपता, दुगलबिट्टा, बनियाकुंड, हरियाली डांडा, मद्महेश्वर क्षेत्र में भी एक से डेढ़ फीट तक बर्फ गिर चुकी है। दूसरी तरफ जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग, अगस्त्यमुनि, गुप्तकाशी, ऊखीमठ, मयाली, जखोली में निरंतर रिमझिम बारिश हो रही है।
बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, नंदा घुंघटी, रुद्रनाथ, गौरसों बुग्याल, औली, लाल माटी, रामणी टॉप सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई जबकि निचले क्षेत्रों में दिनभर बारिश होती रही। बदरीनाथ व हेमकुंड साहिब में चारों ओर चोटियां बर्फ से ढक गई हैं।
बदरीनाथ धाम में करीब डेढ़ और हेमकुंड साहिब में दो फीट ताजी बर्फ जम गई है। हेमकुंड साहिब के मुख्य यात्रा पड़ाव घांघरिया में भी बर्फबारी हुई, जिससे जिले के तापमान में भारी गिरावट आई है। दोबारा ठंड लौट आने पर लोगों को गर्म कपड़े निकालने पड़े। वहीं जोशीमठ में भी तड़के से ही बारिश शुरू हो गई थी, जो देर शाम तक जारी रही।
मौसम में आई तब्दीली के चलते गंगोत्री व यमुनोत्री धाम तक सहित हर्षिल, मुखबा, धराली, खरसाली, हरकीदून घाटी में बर्फबारी का नजारा देखने को मिला। बर्फबारी व बारिश के कारण निचले इलाकों में ठंड का खासा असर देखने को मिला।
बारिश से जहां लोगों को राहत मिली, वहीं देवाल के ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी हुई। टूरिस्ट गाइड भुवन बिष्ट ने बताया कि रूपकुंड, ब्रह्मताल, बगुवाबासा सहित आली बुग्याल में बर्फबारी हुई है। वहीं बारिश से देवाल के हिमनी, पिनाऊं, वाण, बांक, कुलिंग, लोहाजंग, दीदना, सौरीगाड़, हरमल, नारायणबगड़, थराली, आदिबदरी, गैरसैंण और गौचर में भी दिनभर बारिश होती रही।

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